‘साहब न्याय करें’, रेप पीड़िता ने थाने में लगाई गुहार, नहीं लिखी FIR तो…

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक दुष्कर्म पीड़िता
पब्लिक न्यूज़ डेस्क। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक दुष्कर्म पीड़िता ने पुलिसिया कार्रवाई ना होने से दुखी होकर खुदकुशी कर ली। इस घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वहीं पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने आनन फानन में कड़ी कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दे दिए।
इसके अलावा पुलिस अधीक्षक ने लापरवाही बरतने वाले कांस्टेबल के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर उसे निलंबित करने के आदेश दिया। पुलिस की तरफ से अभी तक की कार्रवाई में एक शख्स को गिरफ्तार भी किया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
क्या है ये पूरा मामला ?
ये वाकया आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक किशोरी के साथ दरिंदों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था। रोती बिलखती पीड़िता अपने परिजनों के साथ तत्काल इस वारदात की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पर पहुंची। लेकिन वहां तैनात कॉन्स्टेबल ने पीड़िता और उसके परिजनों को सुबह आने को कहा और थाने से वापस कर दिया। इसी बात से क्षुब्द होकर रेप पीड़िता ने खुदकुशी कर ली।
लापरवाह कांस्टेबल पर गिरी गाज
रेप पीड़िता की खुदकुशी की खबर पूरे पुलिस महकमे में तेजी से फैली। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य तुरंत एक्शन में आए। उन्होेंने बताया है कि 29 जुलाई की रात करीब 10:30 बजे पीड़िता के परिजनों ने वारदात की मौखिक सूचना कप्तानगंज थाना पर मौजूद कॉन्स्टेबल को सूचना दी थी।
कप्तानगंज थाना के अध्यक्ष ने जब इस बाबत पूरी रिपोर्ट सौंपी तो सारा मामला साफ हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक उस वक्त पीड़िता के परिजनों की तरफ से कोई लिखित में शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। इसके बावजूद कांस्टेबल की लापरवाही को मानते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है।