इमरान खान बोले- सरकार में सबको शामिल करने के लिए तालिबान से बातचीत कर रहा हूं

इमरान खान बोले- सरकार में सबको शामिल करने के लिए तालिबान से बातचीत कर रहा हूं

पब्लिक न्यूज डेस्क। अफगानिस्तान की तालिबान हुकूमत को दुनिया के देशों की मान्यता दिलाने के लिए पाकिस्तान बहुत बेकरार नजर आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वो खुद अफगानिस्तान के तालिबान नेताओं से बातचीत कर रहे हैं, ताकि वहां समावेशी सरकार बनाई जा सके और उसे दुनिया के तमाम देश मान्यता दैं। इमरान के मुताबिक, वो अफगानिस्तान को लेकर काफी फिक्रमंद हैं।

तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जे के साथ ही मुल्क पर अपनी हुकूमत कायम कर ली थी। इसके बाद सरकार का ऐलान किया, लेकिन अब तक पाकिस्तान समेत दुनिया के किसी देश ने इस तालिबानी सरकार को मान्यता नहीं दी है।

दुशान्बे में बातचीत
इमरान ने सोशल मीडिया पर तालिबान से बातचीत के बारे में जानकारी दी। कहा- दुशान्बे में मैंने अफगानिस्तान के कई पड़ोसी देशों से लंबी बातचीत की। इस दौरान खासतौर पर ताजिकिस्तान के प्रेसिडेंट इमोली रहमान से चर्चा हुई। मैंने तालिबान से बातचीत शुरू कर दी है। मेरी कोशिश है कि वहां एक ऐसी सरकार बने, जिसमें ताजिक और हजारा के अलावा उज्बेक मूल के लोगों को भी शामिल किया जाए।

40 साल का तनाव
इमरान ने आगे कहा- अफगानिस्तान में 40 साल तक तनाव चला। अब वक्त है कि वहां समावेशी सरकार बने और वो अमन और स्थिरता लाए। यह सभी अफगानिस्तान की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए बड़ी जरूरत है। इमरान दो दिन के ताजिकिस्तान दौरे पर थे। यह दौरा 20वें शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन के तहत आयोजित किया गया था। इन देशों कुछ राष्ट्राध्यक्ष इसमें वर्चुअली भी शामिल हुए थे।
इमरान ने यहां ताजिकिस्तान, बेलारूस और ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की थी।

तालिबान 1.0 में किस तरह की सरकार थी?
तालिबान ने 1996-2001 के दौरान अफगानिस्तान पर शासन किया था। उस दौरान तालिबानी सरकार खुद को इस्लामिक एमीरेट कहती थी। हालांकि उस समय तालिबान की सरकार को चंद देशों ने ही मान्यता दी थी, लेकिन करीब 90% अफगानिस्तान पर तालिबान का शासन था।

दोस्तों देश दुनिया की और खबरों को तेजी से जानने के लिए बनें रहें पब्लिक न्यूज़ टी वी के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलों करने के लिए @PublicNewsTV और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @PublicNewsTV पर क्लिक करें।