कश्मीर में आतंकियों की बड़ी साजिश नाकाम

 

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के उरी सेक्टर (Uri Sector) में एलओसी पर चलाए गए अपने ऑपरेशन को लेकर सेना ने कई बड़े खुलासे किए हैं. सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग के दौरान 19 इन्फैंट्री डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल वीरेंद्र वत्स (Major General Virendra Vats) ने कहा कि उरी सेक्टर में एलओसी पर आतंकियों की घुसपैठ की गतिविधि की जानकारी के बाद 9 दिनों तक ऑपरेशन चलाया गया. उन्होंने बताया कि जब मुठभेड़ शुरू हुई तब 2 आतंकियों ने सीमा पार से घुसपैठ की. जबकि बाकी 4 दूसरी तरफ डेरा डाले रहे.

उन्होंने बताया कि 10 दिनों में आतंकी घुसपैठ की 3 साजिशों को नाकाम किया गया. वीरेंद्र वत्स ने कहा, सेना ने 7 दिनों में 7 आतंकियों को मार गिराया. वहीं, 6 आतंकियों के घुसपैठ की सूचना मिली है. वीरेंद्र वत्स ने कहा कि उरी में ऑपरेशन के दौरान एक आतंकी को ढेर किया गया है. जबकी दूसरे आतंकी को पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि यह भी पता चला है कि इन घुसपैठियों की पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा तक आए 3 कुलियों ने मदद की. वत्स ने इस साजिश में पाकिस्तान का हाथ बताते हुए कहा कि आतंकियों के इतने बड़े समूह की आवाजाही दूसरी तरफ तैनात पाकिस्तानी सेना की सक्रिय भागीदारी के बिना नहीं हो सकती है, निसंदेह इसमें उनका (पाकिस्तानी सेना) हाथ है.


25 सितंबर को उरी में एक मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आतंकवादी को मार गिराया गया. जबकि एक दूसरे आतंकी को आत्मसमर्पण के बाद हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लिए गए आतंकवादी ने खुद को पाकिस्तान के पंजाब का निवासी बताया है. उसकी पहचान अली बाबर पात्रा के रूप में हुई है. उसने कबूल किया है कि वह लश्कर का सदस्य है और लश्कर ने मुजफ्फराबाद में उसे ट्रेनिंग दी थी.

वीरेंद्र वत्स ने कहा, 'गोलाबारी के बाद 4 आतंकी घने पेड़ों का फायदा उठाकर पाकिस्तान की तरफ चले गए. जबकि 2 आतंकवादी भारतीय सीमा में घुस आए. भारत में घुसपैठ करने वाले 2 आतंकवादियों को घेरने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई थी.' घुसपैठ की तीन कोशिशों को नाकाम करने के बाद से पिछले एक हफ्ते में सेना ने उरी और रामपुर सेक्टरों में कई ऑपरेशन चलाए हैं. इस साल फरवरी में दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम समझौते के बावजूद नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान द्वारा हाल के दिनों में घुसपैठ के कई प्रयास किए गए हैं.

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