उज्जैन के महाकाल मंदिर में टूटी ये सालों पुरानी परंपरा, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के वीआईपी दर्शन पर बवाल

उज्जैन के महाकाल मंदिर में टूटी ये सालों पुरानी परंपरा, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के वीआईपी दर्शन पर बवाल

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित मशहूर महाकाल मंदिर में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के वीआईपी दर्शन के बाद हंगामा मच गया है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि वीआईपी दर्शन की वजह से मंदिर की सालों से चली आ रही परंपरा टूट गई और भस्म आरती में देरी हुई है। मंदिर के मुख्य पुजारी अजय पंडित और संजय पुजारी ने इस मामले को उठाते हुए कहा है कि वीआईपी दर्शन की वजह से मंदिर में सालों से चली आ रही भस्म आरती की परंपरा टूटी है। उनका आरोप है कि वीआईपी दर्शन की वजह से यह आरती आधे घंटे देर से शुरू हुई। बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय, उनके बेटे और भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय, बीजेपी विधायक रमेश मेन्डोला समेत अन्य लोगों की वजह से इस आरती में देरी हुई। 

बताया जा रहा है कि वीआईपी नेताओं के मंदिर में आने के बाद अजय पंडित और संजय पुजारी को भी मंदिर के अंदर प्रवेश करने से रोका गया। मंदिर के पुजारी के मुताबिक विजयवर्गीय और कुछ अन्य लोगों ने सुबह करीब 3 बजे मंदिर में प्रवेश किया और गर्भगृह में जाकर पूजा-अर्चना की। नागपंचमी के अवसर पर इन लोगों ने दूध और पानी भी चढ़ाया। मंदिर प्रशासन ने इस दौरान मंदिर में प्रवेश के सभी द्वार बंद कर दिये और सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया। 

भस्म आरती करने वाले संजय पुजारी ने भी कहा कि वीआईपी दर्शन का सिस्टम बेहद खराब है और इसमें बदलाव किया जाना चाहिए। इधर इस पूरे मामले पर मंदिर के ऑफिसर-इंचार्ज दिनेश जायसवाल ने कहा कि 'मुझे आदेश मिला था और मैं उसको फॉलो कर रहा था। मैं इसके अलावा इसपर और कुछ नहीं कह सकता।' बता दें कि दिनेश जायसवाल के कहने पर ही मंदिर के दरवाजे बंद कर दिये गये थे।

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